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नई दिल्ली: शिक्षा लाभ कमाने का व्यवसाय नहीं है और ट्यूशन फीस हमेशा कम होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए ये बात कही। राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में ट्यूशन फीस को 24 लाख रुपये प्रति वर्ष बढ़ा दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसले पर रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने याचिकाकर्ता नारायण मेडिकल कॉलेज और आंध्र प्रदेश पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए इसे छह सप्ताह की अवधि के भीतर अदालत की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश सुनाया। पीठ ने कहा कि फीस को बढ़ाकर 24 लाख रुपये प्रति वर्ष करना, यानी पहले तय की गई फीस से सात गुना अधिक करना बिलकुल भी उचित नहीं है।

शीर्ष अदालत ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कॉलेज द्वारा दायर एक याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें एमबीबीएस छात्रों की ट्यूशन फीस बढ़ाने के सरकार के फैसले को खारिज कर दिया गया था।

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के भीमावरम का वीडियो सामने आया है। जिसमें एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र को हॉस्टल के कमरे के अंदर बेरहमी के साथ पीटा जा रहा है। वीडियो में छात्र पीटने वालों से रहम की भीख मांगता हुआ दिख रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज के चार छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र हमलवारों से माफी मांग रहा है और रहम की भीख मांगता हुआ दिख रहा है। लेकिन वे लगातार उसे पीट रहे हैं। छात्र की शर्ट भी फटी हुई दिख रही है। पीड़ित और सभी आरोपी छात्र एसआरकेआर इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। घटना कथित तौर पर कुछ दिन पहले की बताई जा रही है।

पीड़ित छात्र अंकित के पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने अंकित को लोहे के बक्से, लाठी और पीवीसी पाइप से पीटा हैं। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इसके पीछे क्या कारण है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने वाईएसआर कांग्रेस के उस फैसले पर स्थिति साफ करने को कहा जिसके तहत मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को स्थाई अध्यक्ष बनाए रखने के लिए पार्टी के संविधान में बदलाव किया गया है। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राजनीतिक दलों को अध्यक्ष चुनने के लिए एक निश्चित समय सीमा के भीतर चुनाव कराना होता है। ऐसे में पार्टी संविधान में संशोधन करके सीएम को पार्टी का अध्यक्ष बनाए रखना नियमों का उल्लंघन करने जैसा है।

आयोग ने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया ऐसे किसी भी प्रयास या यहां तक ​​कि किसी भी संगठनात्मक पद के स्थायी प्रकृति के होने के संकेत को स्पष्ट रूप से खारिज करता है। इसे "स्वाभाविक रूप से लोकतंत्र विरोधी माना जा सकता है। आयोग ने आज कहा कि कोई भी कार्रवाई जो चुनावों की आवधिकता से इनकार करती है, आयोग के मौजूदा निर्देशों का पूर्ण उल्लंघन है। आयोग ने अपने आदेश में दृढ़ता से कहा है कि ऐसी कोई भी कार्रवाई जो किसी भी पद के लिए चुनाव प्रक्रिया को ठुकराती है, स्वाभाविक रूप से अलोकतांत्रिक है।

विजयवाड़ा: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमना ने शनिवार को कहा कि अगर लोगों का न्यायपालिका में विश्वास खत्म हो जाता है, तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही दांव पर लग जाएगा। सीजेआई एनवी रमना ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि लोगों का न्यायपालिका में विश्वास न टूटे। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना का ये बयान उस वक्त आया है। जब वह अगले सप्ताह रिटायर होने वाले हैं।

दरअसल, न्यायमूर्ति एनवी रमना आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विजयवाड़ा कोर्ट परिसर के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि अगर लोगों का न्यायपालिका पर से भरोसा उठ गया तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही दांव पर लग जाएगा। सीजेआई ने कहा कि उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान न्यायाधीशों और 250 से अधिक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने पर ध्यान केंद्रित किया। सीजेआई ने कहा कि न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरना और बुनियादी ढांचे में सुधार उनके डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान उनके एजेंडे में शीर्ष पर थे।

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