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नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को आंध प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी वाईएस शर्मिला को पार्टी की आंध्र प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला चार जनवरी को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुई थीं। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष ने वाईएस शर्मिला रेड्डी को तत्काल प्रभाव से आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।''

कांग्रेस अध्यक्ष ने निवर्तमान पीसीसी अध्यक्ष जी रुद्र राजू को कांग्रेस कार्य समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया है। पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राजू के कार्यकाल की सराहना भी की। राजू ने सोमवार को दिल्ली में पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की संस्थापक शर्मिला ने अपनी पार्टी के कांग्रेस में विलय की घोषणा की थी और कहा था कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसे पूरा करेंगी।

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला गुरुवार (04 जनवरी 2024) को कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। शर्मिला के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को आंध्र प्रदेश में मजबूती मिलेगी। शर्मिला आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी की बहन हैं।

उन्होंने कांग्रेस में शामिल होते ही अपनी पार्टी वाईएसआर तेलंगाना का कांग्रेस में विलय का भी एलान कर दिया। शर्मिला ने कहा कि मेरे पिता का सपना था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें, मुझे खुशी है कि मैं इसके लिए काम करूंगी। शर्मिला ने कहा कि उन्हें ईसाई के तौर पर मणिपुर हिंसा के कारण बहुत दुख हुआ। अगर सेक्युलर पार्टी सत्ता में नहीं होगी तो यही होगा।

वाईएस शर्मिला आंध्र के पूर्व सीएम वाईएस राजशेखरा रेड्डी की बेटी हैं। राजशेखरा रेड्डी कांग्रेस में थे। सीएम रहते एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया था।

विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश): चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के चीफ एन चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। मुलाकात का एजेंडा अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन आंध्र प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है।

2019 में पीके ने रेड्डी के लिए बनाई थी रणनीति

प्रशांत किशोर ने 2019 विधानसभा चुनाव में जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के लिए रणनीति बनाई थी। रेड्डी की पार्टी को इस चुनाव में प्रचंड जीत मिली थी। लेकिन अब प्रशांत ने रेड्डी के धुर-विरोधी नायडू से मुलाकात की है, ऐसे में इसके कई मायने लगाए जा रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने चंद्रबाबू नायडू के विजयवाड़ा स्थित उनके आवास पर उनसे मुलाकात की। किशोर ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया। उन्होंने कहा, यह लंबे वक्त से पेंडिंग थी। हालांकि, नायडू के साथ किशोर की अचानक मुलाकात ने आंध्र प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। इस मुलाकात को लेकर सत्ताधारी वाईएसआर के नेताओं ने नायडू पर निशाना साधा। आंध्र प्रदेश में 2024 में ही विधानसभा चुनाव होने हैं।

गुंटूर: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को दावा किया कि सीएम वीईएस जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार की अगले विधानसभा चुनाव में हार तय है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पड़ोसी राज्य तेलंगाना में बीआरएस सरकार को हार का सामना करना पड़ा, उसकी तरह आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव हारने जा रही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के चुनाव नतीजे तीन महीने बाद आंध्र प्रदेश में दोहराए जाएंगे। नायडू ने कहा कि अपने 45 साल के राजनीतिक सफर में उन्होंने कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार नहीं किया है, लेकिन सीएम जगन ने उनकी सरकार पर सवाल उठाने वालों को डराने के लिए उन्हें गलत तरीके से जेल में डाला।

गुंटूर जिले में चक्रवात से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद टीडीपी अध्यक्ष नायडू ने आंध्र प्रदेश सरकार पर मिचौंग तूफान के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया। साथ ही नायडू ने चक्रवाती तूफान के कारण होने वाले नुकसान को रोकने में विफलता के लिए प्रदेश सरकार की आलोचना की।

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