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बूंदी: जिले के नैनवा रेंज के तहत आने वाले बंसी जंगल की जांच चौकी में तीन दिन के अंदर शिकारियों के एक गिरोह ने कम से कम 13 मोरों का कथित तौर पर वध कर दिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि बंसी वन जांच चौकी में शानिवार को सात मोरों को जहर देकर मार दिया गया जबकि इसी वन रेंज में गुरूवार को छह अन्य मोरों की हत्या कर दी। इससे मरने वाले राष्ट्रीय पक्षी की संख्या 13 हो गई। हालांकि जिला वन अधिकारी दिग्विजय गुप्त ने सात मोरों को मारे की संख्या को खारिज किया है और कि कहा कि शनिवार सुबह केवल एक मोर मृत मिला। गुप्त ने माना कि इसी क्षेत्र में गुरूवार को छह अन्य मोरों का वध किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

जयपुर: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर देश के दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है। रक्षा मंत्री ने शनिवार को आतंकी हमलों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि बर्दाश्त करने की ताकत अब खत्म हो चुकी है। पर्रिकर ने कहा कि पठानकोट हमला देश पर आखिरी हमला है। पठानकोट में जिन आतंकियों ने हमला किया वो आखिरी थे और अब कोई नहीं आ सकता है। भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को जाल में फंसाए जाने के मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए सभी प्रकार की सावधानियां बरती जा रही हैं और ये मामले अभी निचले स्तर तक ही सीमित हैं। पर्रिकर ने कहा मुझे नहीं लगता कि ऐसी चीजें (जासूसी) उच्च स्तर पर होती है। कुछ चीजें सामने आई हैं लेकिन वे निचले स्तर पर हैं और हमने उन्हें रोकने के लिए सभी सावधानियां बरती हैं। उन्होंने कहा कि जब हम सतर्क होते हैं तो लालच देकर जाल में फंसने जैसी चीजें आम तौर पर नहीं हो पाती। हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। हम भर्ती और प्रशिक्षण के समय इसका ध्यान रखते हैं।

जयपुर: भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को जाल में फंसाए जाने के मामले की पृष्ठभूमि में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज (शनिवार) कहा कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए सभी प्रकार की सावधानियां बरती जा रही हैं और ये मामले अभी निचले स्तर तक ही सीमित हैं। पर्रिकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि ऐसी चीजें (जासूसी) उच्च स्तर पर होती है। कुछ चीजें सामने आई हैं लेकिन वे निचले स्तर पर हैं और हमने उन्हें रोकने के लिए सभी सावधानियां बरती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जब हम सतर्क होते हैं तो लालच देकर जाल में फंसने जैसी चीजें आम तौर पर नहीं हो पाती। हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। हम भर्ती और प्रशिक्षण के समय इसका ध्यान रखते हैं। जवानों के सोशल नेटवर्किंग साइटों का इस्तेमाल करने को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश एवं आचार संहिता है।’ हाल में भारतीय वायुसेना के 30 वर्षीय एक अधिकारी रंजीत के. के. को एक संदिग्ध जासूस को आधिकारिक सूचनाएं कथित रूप से देने के मामले में गिरफ्तार और सेवा से बर्खास्त किया गया है।

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