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नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के विधानसभा में पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ने को असंवैधानिक करार दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह खुद को भारत का ‘‘वायसराय’’ मानते हैं, जो दिल्ली से राज्य सरकारों को नियंत्रित करने के लिए राज्यपालों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री खुद को ‘वायसराय’ समझते हैं: कांग्रेस

कर्नाटक के राज्यपाल गहलोत ने गुरुवार को राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र में अपना परंपरागत अभिभाषण केवल तीन वाक्यों (सरकार द्वारा तैयार किए गए विस्तृत भाषण के पहले और आखिरी वाक्यों समेत) में समाप्त कर दिया। गैर-बीजेपी शासित तीन दक्षिणी राज्यों (केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक) में दो दिनों में राज्यपाल और सरकार के बीच तीसरी बार टकराव हुआ है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री मोदी खुद को भारत का वायसराय मानते हैं- जो दिल्ली से राज्य सरकारों को रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित करने के लिए राज्यपालों का इस्तेमाल करते हैं।"

उन्होंने कहा, उनके लिए निराशा की बात यह है कि भारत में संविधान है जिसके तहत चुनी हुई राज्य सरकारें लोगों की इच्छा के अनुसार चलती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल द्वारा विधानसभा में कैबिनेट-अनुमोदित भाषण पढ़ने से इंकार करना असंवैधानिक है।

केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘कथित सुपर सीएम का हस्तक्षेप एक नाजायज कृत्य है जिसे स्पष्ट रूप से शीर्ष स्तर से आशीर्वाद प्राप्त है। हम भारत के संघवाद को नष्ट करने के ऐसे जबरदस्त प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हैं। पैराशूट से उतारे गए राज्यपालों के माध्यम से गैर-बीजेपी राज्य सरकारों को रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित करने के ऐसे कदम बीजेपी के सत्तावादी झुकाव को और उजागर करते हैं।’’

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