नई दिल्ली: दिल्ली में बीआरटी को तोड़ने का काम मंगलवार से शुरू हो जाएगा। मूलचंद से अंबेडकर नगर के बीच 5.8 किलोमीटर लंबा ये बीआरटी कॉरिडोर पांच विधानसभा क्षेत्रों को छूते हुए निकलता है। जिसमें कस्तूरबा नगर, ग्रेटर कैलाश, संगम विहार, देवली और अंबेडकर नगर शामिल हैं। इन पांचों क्षेत्र के विधायकों ने इसे लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल से शिकायत भी की थी। बताया जा रहा है कि इसे तोड़ने में एक महीने का वक्त लगेगा और ये काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में बीआरटी को तोड़ा जाएगा और दूसरे चरण में इसे रि डिज़ाइन किया जाएगा। बीआरटी को बनाने में 150 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
गौरतलब है कि दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा था कि मूलचंद से अंबेडकर नगर के बीच 5.8 किलोमीटर लंबे ‘बस रैपिड ट्रांजिट’ (बीआरटी) कॉरिडोर को हटाने का काम फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। जैन ने कहा था कि ऑड-ईवन योजना पूरी होने के बाद सरकार दक्षिणी दिल्ली में बीआरटी कोरिडोर हटाना शुरू करेगी। बीआरटी कोरिडोर का निर्माण 2008 में तत्कालीन शीला दीक्षित सरकार द्वारा करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। बीआरटी कोरिडोर को हटाने पर करीब 12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सरकार ने सड़कों के डिजाइन के लिए एक ‘सलाहकार’ की नियुक्ति की है। जैन ने कहा था कि सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए सरकार सुनिश्चित करेगी कि बीआरटी कॉरिडोर को हटाने का काम सिर्फ रात में ही किया जाए।






