ताज़ा खबरें
जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी

शिमला: हिमाचल के ठियोग विधानसभा क्षेत्र से मंगलवार को कैबिनेट मंत्री विद्या स्टोक्स का नामांकन-पत्र तकनीकी खामियों के कारण निरस्त कर दिया गया। निर्वाचन अधिकारी ताशी संदूप ने देर शाम स्टोक्स का नामांकन-पत्र निरस्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही 90 वर्षीय स्टोक्स चुनाव की दौड़ से बाहर हो गई है।

ठियोग सीट से विद्या स्टोक्स और दीपक राठौर ने सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की छंटनी के दौरान आज अधिकारियों ने स्टोक्स के आवेदन को अधूरा पाया।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक स्टोक्स ने अपने नामांकन-पत्र फार्म के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) का प्रामाणिक पत्र संलग्न नहीं किया था। लिहाजा नामांकन-पत्र बी फार्म में तकनीकी खामियों के चलते निरस्त कर दिया गया।

दिलचस्प बात यह है कि नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन सोमवार को नाटकीय ढंग से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर स्टोक्स ने ठियोग से अपना पर्चा भरा था। इसी दिन दीपक राठौर ने भी पर्चा दाखिल किया था।

दरअसल कांग्रेस आलाकमान ने रविवार को जारी की गई दूसरी सूची में ठियोग सीट से दीपक राठौर को प्रत्याशी घोषित किया था। जिस पर स्टोक्स ने पार्टी हाईकमान से कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। टिकट की घोषणा होने के बाद देर रात स्टोक्स ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से संपर्क कर ठियोग से टिकट बदलने का आग्रह किया था।

दरअसल ठियोग सीट से स्टोक्स अपने पसंदीदा विजय पाल खाची को टिकट दिलाने की पैरवी कर रही थी। विजय पाल खाची पूर्व दिवंगत विधायक जय बिहारी लाल खाची के बेटे हैं।

बताया जाता है कि दीपक राठौर को टिकट दिए जाने से स्टोक्स इस कदर खफा हो गई थी कि उन्होंने ठियोग-कुमारसेन के पदाधिकारियों सहित सामुहिक इस्तीफे देने की धमकी तक दे डाली थी। यही नहीं स्टोक्स ने कांग्रस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से ये भी कहा कि यदि टिकट न बदला गया तो वे इस्तीफा दे देंगी या फिर खुद ही निर्दलीय ठियोग हल्के से चुनाव मैदान में उतर जाएंगी।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मौजूदा विधायक व आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने चुनाव लडने से मना कर दिया था। स्टोक्स ने कहा था कि मैंने अपनी सीट मुख्यमंत्री के लिए छोड़ दी है। अब मुख्यमंत्री ही इस हल्के से चुनाव लड़ेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने भी चुनाव लडने की घोषणा कर दी थी, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री को अर्की विधानसभा से टिकट दिया गया। फिर इसके बाद इस हल्के में कांग्रेस टिकट को लेकर खींचतान शुरू हो गई। स्टोक्स हिमाचल कांग्रेस की सबसे वयोवृद्व नेत्री है। वह वर्तमान में वीरभद्र सरकार में आईपीएच मंत्री है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख