बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में रविवार को एक कांवड़ यात्री की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि सात बच्चों समेत आठ अन्य लोग झुलस गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। भौगोलिकसंदर्भ
पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम कादर चौक थाना क्षेत्र के गढ़ी गांव में हुई। पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिषेक सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रियों के एक समूह के साथ चल रहे डीजे वाहन के जनरेटर में करंट उतर गया, जिसकी चपेट में आने से यह हादसा हुआ।
उन्होंने बताया कि डीजे ट्रॉली के पीछे कई कांवड़ यात्री, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, नाच-गा रहे थे। इसी दौरान जनरेटर में करंट प्रवाह आ गया और लोगों को करंट लग गया। स्थानीय पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए बिजली विभाग के अफसर कह रहे कि ट्राली में रखे जेनरेटर में शॉर्ट सर्किट हुआ होगा।
इससे इतर, ग्रामीणों का कहना है कि नीचे झूलती हाईटेंशन लाइन से हादसा हुआ, जो बाद में आनन-फानन कसी गई।
कादरचौक क्षेत्र के गौरामई गांव के कांवड़िये प्रतिवर्ष कछला से गंगाजल लाकर शिवालय में चढ़ाते हैं। शनिवार रात बाल्मीकि बस्ती से 60-70 कांवड़ियों का जत्था ट्रैक्टर-ट्रॉली में साउंड सिस्टम लगाकर गली से गुजर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, कांवड़िया रोहित ट्रॉली में 12-13 फीट ऊंचे स्पीकरों से सटकर खड़े थे।
करंट फैलते ही रोशनी के साथ हुआ तेज धमाका
शेष कांवड़िये अपने स्वजन आदि से मिलते हुए पैदल आगे बढ़ने लगे। ट्रॉली के पीछे गांव के दर्जनों बच्चे, पुरुष व महिलाएं भजनों पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। रास्ते में हाईटेंशन लाइन नीचे लटक रही थी, मगर अंधेरा होने के कारण कोई उसे देख नहीं सका।
उसी दौरान हाईटेंशन लाइन का तार स्पीकर से छूते ही रोशनी के साथ तेज धमाका हुआ। ट्रॉली में करंट दौड़ने से रोहित छटपटाकर वहीं गिर गए। ग्रामीण उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, मगर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
ट्रॉली पकड़कर चल रहे 11 वर्षीय बृजेश, आठ वर्षीय तेजवीर, 14 वर्षीय प्रशांत, आठ वर्षीय सौरभ, नौ वर्षीय दामेश, 12 वर्षीय अंशू व 14 वर्षीय विपेंद्र भी करंट लगने से झुलस गए। इनका जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। रोहित के स्वजन ने बताया कि हाईटेंशन लाइन नीचे लटकने के कारण हादसा हुआ। करंट लगता देख चालक ने तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉली तुरंत आगे बढ़ा दी थी, ताकि तार की चपेट से दूर हो सके।
अफसरों ने डाला पर्दा, ग्रामीणों ने झूठ किया बेपर्दा
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने कहा कि हादसे की सूचना पर टीम भेजी थी। हाईटेंशन लाइन 40 फीट ऊंचाई पर पायी गई। आरंभिक जांच में ट्राली में रखे जेनरेटर में शॉर्ट सर्किट से करंट फैलना प्रतीत हो रहा।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने भी यही बात दोहराई। इसके विपरीत रोहित के स्वजन कह रहे कि 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन जर्जर होकर नीचे झूलने लगी थी, उसी से हादसा हुआ। ग्राम प्रधान हसरत खान ने बताया कि हाईटेंशन लाइन 15 फीट ऊंचाई पर झूल रही थी। उसका तार साउंड सिस्टम के स्पीकर से छू गया। हादसा होने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रात में ही तार कस दिए।






