लेह: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन सेक्टर में बड़ी अनहोनी हुई है। रविवार को 12000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक बेस कैंप में हिमस्खलन हुआ। इस हादसे में सेना के तीन जवान शहीद हो गए। इनमें दो अग्निवीर भी शामिल थे। तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और सभी तीनों जवानों के शव बरामद कर लिए गए। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण सैन्य तैनाती वाले स्थानों में से एक है। अधिकारियों ने मंगलवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी।
जानकारी के मुताबिक, सियाचिन बेस कैंप के इलाके में हिमस्खलन हुआ। हिमस्खलन होने से तीन सैनिक बर्फ में फंस गए। ये जगह बहुत ऊंचाई पर है। अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों को बचाने के लिए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। फंसे हुए सैनिकों के शवों को बर्फ से निकाला गया।
दरअसल यह स्थान दुनिया की सबसे ऊंची और सबसे चुनौतीपूर्ण सैन्य तैनाती स्थलों में से एक है। सियाचिन ग्लेशियर अपनी अत्यधिक मौसम की स्थिति और लगातार बर्फ से जुड़ी घटनाओं के लिए जाना जाता है।
यहां तापमान हमेशा बहुत कम रहता है। इस वजह से यहां रहना बहुत मुश्किल है। सेना को कई सालों में हिमस्खलन और फ्रॉस्टबाइट के कारण कई नुकसान हुए हैं। फ्रॉस्टबाइट एक ऐसी स्थिति है जिसमें ठंड के कारण शरीर के ऊतक जम जाते हैं।
यहां दी जानी है स्पेशल ट्रेनिंग
सेना नियंत्रण रेखा के पास रणनीतिक स्थानों को सुरक्षित रखने के लिए इस क्षेत्र में लगातार तैनात रहती है। यहां तैनात सैनिकों को उच्च ऊंचाई पर युद्ध करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें शून्य से नीचे के तापमान में जीवित रहने के लिए जरूरी उपकरण भी दिए जाते हैं। सेना के जवान मुश्किल परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।






