छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली में 36 दिन लंबे विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई करने के बाद अपने गृह राज्य महाराष्ट्र लौटे। छत्रपति संभाजीनगर में उनका घर है। दीपके ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्र आतंकवादी नहीं हैं। सरकार को उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सरकार को समझ लेना चाहिए कि छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। अगर उन्हें लगता है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से उनका गुस्सा ठंडा हो जाएगा, ऐसा नहीं है। जरूरत पड़ी तो ये आंदोलन फिर होगा। जो पिछला हुआ उससे बड़ा होगा।
मां के हाथ का बना हुआ खाना खा पाऊंगा: दीपके
अभिजीत दीपके का घर पर भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने कहा, "घर आकर काफी खुशी मिल रही है। आज घर पर आराम से सो पाऊंगा। मां के हाथ का बना हुआ खाना खा पाऊंगा। उसकी बहुत खुशी है। उम्मीद करता हूं कि मीडिया मुझे अगले दो-तीन परेशान न करें तो मैं थोड़े दिन के लिए पहले की तरह नॉर्मल लाइफ जी पाऊं।"
कानून को लागू करने वाले अच्छे नहीं, तो क्या मतलब: दीपके
लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर उन्होंने कहा, "मुझे लगता है बिल आते रहेंगे। जब तक लोगों की नीयत सही नहीं होती है, तब तक कुछ नहीं हो सकता। इस देश में कई कानून अच्छे बने हुए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कही गई लेकिन पहले दिन सुनवाई ही नहीं हुई। कानून आप कैसे भी बना लो, जब तक उसको लागू करने वाले अच्छे नहीं हैं तो उसका क्या मतलब है?"
प्रधानमंत्री इन्फ्लुएंसर बन जाएं: दीपके
पीएम नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो पर उन्होंने कहा, "वो इन्फ्लुएंसर बन जाएं, प्रधानमंत्री का काम कोई और कर लेगा।"
नहीं सुधरे तो चुनाव में छात्र सुधार देंगे: दीपके
बिहार में एके-47 के मामले पर उन्होंने कहा, "ये आतंकवादियों पर चलता था। ये सरकार छात्रों के खिलाफ एके-47 का इस्तेमाल कर रही है। अपने ही देश के युवाओं के साथ ये सरकार आतंकवादियों जैसा सलूक कर रही है। ये शर्म की बात है। ये सरकार अगर अभी भी नहीं सुधरती है तो चुनाव आ रहे हैं, इस देश के छात्र सुधार देंगे। ये न भूलें कि एक स्टूडेंट पर लाठी पड़ी तो उस घर में चार वोट हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह बस वोट की भाषा समझते हैं. वक्त है अभी भी सुधर जाएं।"






