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मुंबई: बीएमसी समेत महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका चुनाव के नतीजे शुक्रवार (16 जनवरी) को घोषित किए जाने के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने महायुति की जीत पर लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ विकास और डेवलपमेंट ही ब्रांड है। जब बालासाहेब थे तब वह ब्रांड थे, अगर कोई बालासाहेब बनने की सोच रहा है तो वह नहीं बन पाएगा। बालासाहेब केवल एक ही थे और असली ब्रांड वही हैं। हमारे गठबंधन में कोई बड़ा भाई छोटा भाई नहीं है सब जनता के विकास के लिए साथ हैं। मुंबई में मेयर को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई के महापौर को लेकर कहा, ''महापौर पद से ज्यादा ज़रूरी है कि मुंबई वैसी दिखे जैसी उसे होना चाहिए, उसी के लिए काम करेंगे। महायुति का ही महापौर होगा। मुंबईकरों के जनादेश को हमने स्वीकार किया है। यह बड़ी सफलता है। जनमत के फैसले को हम मानते हैं। मुंबईकरों ने शिवसेना-बीजेपी महायुति को सफलता दी है।'' बता दें कि इससे पहले बीजेपी नेता राहुल नार्वेकर ने कहा कि मेयर बीजेपी का ही होगा।

हम मुंबई को बदलेंगे: एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे ने कहा, ''केंद्र में पीएम मोदी जी और महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस जी हमारे नेता हैं और उनके साथ हम हैं। महाराष्ट्र की सभी जनता को बहुत धन्यवाद, हम जनता के आभारी हैं। सभी मुंबईकरों को बहुत धन्यवाद। महायुति की सरकार मुंबई और महाराष्ट्र की जनता के लिए प्रतिबद्ध है। शिवसेना बीजेपी ने टीम के साथ मिलकर साथ साथ चुनाव लड़ा है और हम मुंबई को बदलेंगे।''

मुंबई में शिवसेना ने भी अच्छी बढ़त बनाई: शिंदे

डिप्टी सीएम शिंदे ने आगे कहा, ''मुंबईकरों, ठाणेकरों और शहर के सभी मतदाताओं का धन्यवाद और आभार। ठाणे में 71 सीटों पर जीत मिली, 75 तक पहुंचेंगे। ठाणेकरों ने स्पष्ट बहुमत दिया है। मुंबई में भी शिवसेना और बीजेपी बहुमत के करीब पहुंची हैं। महायुति को बहुमत मिलेगा। महापालिका में महायुति का ही महापौर बैठेगा। माहौल पूरी तरह महायुति के पक्ष में है। मुंबई में शिवसेना ने भी अच्छी बढ़त बनाई है। शिवसेना–बीजेपी का ही महापौर बनेगा। यह चुनाव विकास के एजेंडे पर लड़ा गया। कुछ लोगों ने भावनात्मक मुद्दों पर चुनाव लड़ा।''

25 वर्षों तक सत्ता भोगने वालों को जनता ने नकारा- शिंदे

उन्होंने ये भी कहा, '' साढ़े तीन वर्षों में मुंबईकरों के लिए किए गए कामों और कई परियोजनाओं को गति दी। 25 वर्षों तक सत्ता भोगने वालों को जनता ने नकार दिया। कई मुद्दे भावनात्मक बनाए गए। यह परफॉर्मेंस-आधारित जनादेश है। जनता ने विकास को ही ब्रांड के रूप में स्वीकार किया है। मुंबई का तेज़ी से विकास होना चाहिए। इसके लिए ट्रिपल-इंजन सरकार है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। मुंबई को अंतरराष्ट्रीय दर्जे का शहर बनना चाहिए, ऐसा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है। मोदी जी कहते हैं कि 5 ट्रिलियन इकोनॉमी में मुंबई का बड़ा योगदान है।''

जहां अलग-अलग लड़े, वहां भी साथ रहेंगे: शिंदे

एकनाथ शिंदे ने कहा, ''मुंबई की जनता जैसा चाहती है, वैसा करने का काम किया है। पूरी मुंबई को गड्ढामुक्त किया जाएगा। एसटीपी प्लांट नहीं थे, अब हम बना रहे हैं। मेट्रो को गति दी। जो परियोजनाएं रुकी थीं, उन्हें फिर से शुरू किया। वाटर टैक्सी के नए प्रयोग किए जा रहे हैं। रिंग रोड बनाया जा रहा है। ठाणे–बोरीवली टनल से यातायात जाम से लोगों को राहत मिल रही है। राज्य में हम साथ हैं। जहां अलग-अलग लड़े, वहां भी साथ रहेंगे।

हमारा एजेंडा स्पष्ट है: एकनाथ शिंदे

मुंबई में ठाकरे के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा, ''हमारा एजेंडा स्पष्ट है। शिवसेना-बीजेपी की युति आज की नहीं है, हमारी विचारधारा समान है और उसमें कोई समझौता नहीं। उन्होंने ये भी कहा, ''लाडकी बहनों का योगदान रहा है। अभी कुछ तय नहीं हुआ है। मतगणना जारी है।

हिंदुत्व और ठाकरे पर क्या बोले एकनाथ शिंदे?

एकनाथ शिंदे ने कहा, ''हिंदुत्व हमारी विचारधारा है, लेकिन चुनाव में उसका इस्तेमाल नहीं किया। राज्य में बीजेपी नंबर एक पार्टी है और हम नंबर दो हैं। हम चांदा से बांदा तक गए हैं। ठाकरे के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ''उनका भविष्य बताने के लिए मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं। हम काम करते रहेंगे। भावनात्मक मुद्दे और मराठी कार्ड खेलकर चुनाव नहीं जीते जा सकते।''

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