गंगटोक: पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचाई हुई है। सिक्किम में रविवार (01 जून, 2025) की शाम को आर्मी कैंप पर हुए लैंडस्लाइड में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ जवान भी शामिल हैं। अबतक मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि नौ जवान लापता भी हैं, जिनके लिए तलाशी अभियान जारी है।
जानकारी के मुताबिक, उत्तरी सिक्किम के चट्टन में रविवार (01 जून, 2025) की शाम करीब 7 बजे आर्मी कैंप पर लैंडस्लाइड हुआ था, जिससे आस-पास के इलाकों में बने घरों को भारी नुकसान हुआ है। इस लैंडस्लाइड में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग लापता भी हैं। मृतकों की पहचान करने और लापता लोगों की पहचान के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सिक्किम में फंसे 1500 पर्यटक
उत्तर सिक्किम में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोचन और लाचुंग इलाकों में करीब 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं।
मंगन जिले के एसपी सोनम देचू भूटिया ने बताया कि लाचेन में 115 और लाचुंग में 1,350 पर्यटक ठहरे हुए हैं। भूस्खलन की वजह से दोनों ओर से रास्ते बंद हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लाचुंग के लिए सड़क संपर्क बहाल हो गया है और पर्यटकों की निकासी आज से शुरू हो जाएगी। बीआरओ की टीम ने भूस्खलन से जमा हुए मलबे को हटा दिया है, क्षतिग्रस्त हिस्सों को फिर से बनाया और फिडांग में ‘सस्पेंशन ब्रिज’ के पास आई दरारों को भरा, ताकि फंसे हुए पर्यटकों की लाचुंग-चुंगथंग-शिपज्ञेरे-शंकलांग-डिकचू रोड के माध्यम से निकासी का रास्ता तैयार किया जा सके।
30 मई को उत्तरी सिक्किम में फटे थे बादल
बीआरओ ने बताया कि लगातार भारी बारिश के बाद 30 मई को अचानक बादल फट जाने से उत्तरी सिक्किम में काफी नुकसान हुआ है। इस दौरान 130 मिमी से अधिक की वर्षा हुई और लाचेन, लाचुंग, गुरुदोंग्मर, द वैली ऑफ फ्लावर्स और जीरो प्वाइंट सहित प्रमुख पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर काफी क्षति हुई। आपदा की वजह से कई जगहों पर सड़कों में दरारें आ गईं, पुलों को नुकसान हुआ और बड़े पैमाने पर अहम रास्तों पर भूस्खलन हुआ जिसमें डिकु-सिनकलंग -शिपगियर रोड, चुंगथांग-लेशेन-ज़ेमा रोड और चुंगथांग-लाचुंग रोड शामिल हैं।






