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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों का असर घरेलू कारोबार पर भी देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों ने शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाई।

एमसीएक्स पर सोना और चांदी कितने पर कारोबार कर रहे हैं?

एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,42,915 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,559 रुपये पर खुला। सुबह 9:50 बजे यह 555 रुपये यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,43,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार के दौरान सोने ने 1,43,365 रुपये का निचला और 1,43,915 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ। चांदी में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,16,746 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 2,18,143 रुपये पर खुला।

सुबह के कारोबार में यह 2,354 रुपये यानि 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,19,100 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,18,143 रुपये का न्यूनतम और 2,19,896 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी मजबूती

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी रही। कॉमेक्स पर सोना 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,113 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी 1.98 प्रतिशत मजबूत होकर 59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस मजबूती का असर घरेलू बाजार की कीमतों पर भी दिखाई दिया।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में क्या सामने आया?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 'गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स' रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में सोने की कुल मांग सालाना आधार पर 1,269 टन पर स्थिर रही। वहीं, साल की पहली छमाही में कुल मांग 2 प्रतिशत बढ़कर 2,522 टन पहुंच गई, जिसकी अनुमानित कीमत 380 अरब डॉलर रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में गोल्ड ईटीएफ, बार और सिक्कों में निवेश घटकर 262 टन रह गया। इसकी सबसे बड़ी वजह गोल्ड-बैक्ड ईटीएफ से 45 टन की निकासी रही। हालांकि पहली छमाही में ईटीएफ की मांग 18 टन के साथ सकारात्मक बनी रही। बार और सिक्कों में निवेश दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत घटा, जबकि पहली छमाही की मांग पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक रही। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी प्रमुख वजह पहली तिमाही में निवेशकों की मजबूत खरीदारी रही।

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