ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

नई दिल्ली: बजट 2026 के दिन आई तेज गिरावट के बाद भी सोना और चांदी की कीमतों में राहत नहीं मिली है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कारोबार शुरू होते ही सोने-चांदी फिर से फिसल गईं। चांदी और सोने की कीमतों में आई इस नई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

चांदी फिर टूटी

एमसीएक्स पर 1 किलोग्राम चांदी की वायदा कीमत सोमवार सुबह खुलते ही करीब 10,000 रुपये गिर गई। बीते कारोबारी दिन चांदी भारी उतार-चढ़ाव के बाद 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। लेकिन सोमवार को जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, इसका भाव फिसलकर 2,55,652 रुपये प्रति किलो पर आ गया। यह गिरावट ऐसे समय पर आई है, जब चांदी पहले ही तेज दबाव में चल रही है। बजट वाले दिन रविवार को इसमें करीब 9 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी।

रिकॉर्ड हाई से अब तक 1.64 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी

बीते हफ्ते गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए एमसीएक्स पर पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई बनाया था। हालांकि, उस रिकॉर्ड स्तर के बाद से चांदी की चाल पूरी तरह पलट गई है। मौजूदा स्तर को देखें तो अब तक चांदी करीब 1,64,396 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

सोने की कीमतों में भी दबाव

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम वायदा भाव में सोमवार को 4000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बजट के दिन आई भारी बिकवाली के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली अभी भी जारी नजर आ रही है।

क्या कहते हैं जानकार?

विशेषज्ञों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में सोना-चांदी जिस रफ्तार से ऊपर गए थे, अब उसी से भी तेज गति से नीचे आ रहे हैं। रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ गई। इसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा।

आगे क्या रहेगा रुख?

बाजार जानकारों के मुताबिक, जब तक वैश्विक संकेतों में स्थिरता नहीं आती और निवेशकों का भरोसा वापस नहीं बनता, तब तक सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और आगे आने वाले आर्थिक संकेतों पर टिकी हुई है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख