नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए करदाताओं और निवेशकों के लिए कई अहम बदलावों का एलान किया है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को बार-बार दफ्तरों के चक्कर से मुक्त करना और नियम आधारित ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना है।
छोटे करदाताओं के लिए नई टीडीएस व्यवस्था
बजट में छोटे करदाताओं के लिए एक नई और बड़ी सुविधा की घोषणा की गई है। अब कम या शून्य टीडीएस (लोअर या निल टीडीएस) के लिए अलग से असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
सरकार एक नियम आधारित स्वचालित प्रणाली (रूल बेस्ड ऑटोमेटेड प्रोसेस) लाने जा रही है, जिसके तहत योग्य करदाता सीधे डिजिटल तरीके से टीडीएस डिडक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय और कागजी कार्रवाई दोनों की बचत होगी।
निवेशकों के लिए आसान होगा फॉर्म 15जी और 15एच का झंझट
जिन निवेशकों के पास एक से ज्यादा कंपनियों की सिक्योरिटीज हैं, उनके लिए भी प्रक्रिया आसान की गई है। अब डिपॉजिटरीज सीधे निवेशक से फॉर्म 15जी या फॉर्म 15एच स्वीकार कर सकेंगी और इन्हें संबंधित कंपनियों तक खुद भेजेंगी
इससे निवेशकों को हर कंपनी के पास अलग-अलग फॉर्म जमा कराने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
नया इनकम टैक्स एक्ट कब से होगा लागू?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस नए कानून का उद्देश्य मौजूदा जटिल टैक्स कानूनों को सरल बनाना और टैक्स सिस्टम को ज्यादा स्पष्ट व समझने योग्य बनाना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर टैक्स बोझ कम
बजट 2026 में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों को राहत देने के लिए
टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) की दर घटा दी गई है।
पहले टीसीएस: 5%
अब टीसीएस: 2%
इस फैसले से विदेश में पढ़ाई या इलाज कराने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।
रिवाइज्ड रिटर्न भरने वालों को ज्यादा समय
अब टैक्सपेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। सरकार ने नाममात्र की फीस के साथ अतिरिक्त समय देने का प्रावधान किया है, ताकि गलती होने पर करदाता बिना डर के अपनी आयकर रिटर्न में सुधार कर सकें।
आईटीआर फाइलिंग की नई समयसीमा
बजट में आयकर रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन भी स्पष्ट कर दी गई है-
आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फाइल करने वाले:
अंतिम तिथि 31 जुलाई
नॉन-ऑडिट बिजनेस केस और ट्रस्ट्स:
अंतिम तिथि 31 अगस्त
इससे अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं को बेहतर योजना बनाने का समय मिलेगा।
एनआरआई प्रॉपर्टी बिक्री पर टीडीएस नियम बदले
एनआरआई द्वारा प्रॉपर्टी बेचने से जुड़े टीडीएस नियमों में भी अहम बदलाव किया गया है। अब टीडीएस की कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए टेन लेना जरूरी नहीं होगा, जो पहले अनिवार्य था। इससे रियल एस्टेट लेन-देन में प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।






