नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) की पहली किस्त (ट्रांश) को लेकर सहमति लगभग बन चुकी है और इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। हालांकि, इस पर हस्ताक्षर की कोई तय समयसीमा अभी नहीं दी जा सकती। यह जानकारी गुरुवार को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर के बीच वर्चुअल बैठक हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों की वार्ता टीमें लगातार संपर्क में हैं और सहमति बनाने की दिशा में बातचीत जारी है।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि इस व्यापार समझौते से भारतीय निर्यात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ में राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में अमेरिका ने अधिकांश भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया हुआ है, जो दुनिया में सबसे अधिक में से एक है।
अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि अमेरिका को होने वाला भारतीय निर्यात सकारात्मक बना रहेगा। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की खेप, जो फिलहाल टैरिफ से मुक्त है, निर्यात को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है, हालांकि अन्य क्षेत्रों पर ऊंचे शुल्क का असर अब भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं और बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है।






