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मुंबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारतीय उत्पादों पर शुल्क और बढ़ाने की ताजा चेतावनी के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 322 अंक के नुकसान में रहा जबकि निफ्टी में 78 अंक की गिरावट रही।

विश्लेषकों ने कहा कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद ट्रंप की ताजा चेतावनी से धारणा प्रभावित हुई और बैंकिंग, आईटी एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव रहा।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 322.39 अंक यानी 0.38 प्रतिशत गिरकर 85,439.62 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 446.68 अंक फिसलकर 85,315.33 अंक के निचले स्तर पर आ गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 26,373.20 अंक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद बढ़त कायम नहीं रख सका और 78.25 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,250.30 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।

दूसरी तरफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई, जिससे सूचकांक 26,200 के समर्थन स्तर के आसपास आ गया।

आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा, "अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमले के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और ट्रंप की ओर से भारत पर सीमा-शुल्क बढ़ाने की टिप्पणियों से निवेशकों की धारणा सतर्क बनी रही।"

अमेरिकी प्रशासन ने पिछले साल अगस्त में भारतीय उत्पादों पर शुल्क को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। इसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूसी तेल की खरीद जारी रखने पर जुर्माने के तौर पर लगाया गया था।

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