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नई दिल्ली: भारत का घरेलू एयर ट्रैफिक नवंबर 2025 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 15.2 मिलियन तक पहुंच गया है। इसमें बढ़ोतरी की वजह फेस्टिव सीजन की मांग होना है। यह जानकारी मंगलवार को एक रिपोर्ट में दी गई।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया कि इंडिगो की उड़ानों में आई परेशानी के बाद दिसंबर 2025 के मध्य में ऑपरेशन सामान्य हो गए थे। हालांकि, मौसमी कारणों ने ऑन-टाइम परफॉरमेंश (ओटीपी) और कैंसिलेशन पर दबाव बनाया है। हालांकि, दिसंबर 2025 तक के डेली ट्रेंड से पता चलता है कि साल-दर-साल आधार पर वृद्धि दर सपाट रही है, इसकी मुख्य वजह महीने के पहले 15 दिन में इंडिगो के ऑपरेशन में लगातार परेशानियां बने रहना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिगो को मौसम, सॉफ्टवेयर की समस्याओं और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों को लागू करने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे नवंबर-25 में उसका मार्केट शेयर महीने-दर-महीने आधार पर 200 आधार अंक गिरकर 63.6 प्रतिशत हो गया।

इस दौरान स्पाइसजेट का मार्केट शेयर 110 आधार अंक बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गया है। इसकी वजह अतिरिक्त स्लॉट, फ्लीट का विस्तार होना और विंटर शेड्यूल में अधिक सीट किलोमीटर उपलब्ध होना है। एयर इंडिया का भी मार्केट शेयर 100 आधार अंक बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गया है। 88.7 प्रतिशत और 87.7 प्रतिशत रहा और अकासा ने 93.8 प्रतिशत का पीएलएफ दर्ज किया।

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