चमोली: उत्तराखंड में, चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना स्थल पर कल भूस्खलन और पानी के रिसाव से 7 श्रमिकों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग में 22 मजदूर फंसे थे। इनमें से 20 को बाहर निकाल लिया गया है, और दो मजदूरों की तलाश जारी है। घायलों का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपातकालीन संचालन केंद्रों से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी एजेंसियों को राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए लोगों में से कुछ को मामूली चोटें आई हैं। यह घटना टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) लिमिटेड की पीपलकोटी क्षेत्र स्थित परियोजना में हुई। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) द्वारा कराया जा रहा है।
सीएम धामी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में घटना पर चिंता व्यक्त की और सभी एजेंसियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरंग के अंदर फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि वह घटना की जानकारी ले रहे हैं।
बाकी श्रमिकों को बाहर निकालने का अभियान जारी
राज्य सरकार की ओर से दी गई सूचना के अनुसार, शाम करीब सात बजे 18 से 19 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे। इनमें से अब तक 16 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और बाकी श्रमिकों को बाहर निकालने का अभियान जारी है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि स्थिति की लगातार आपातकालीन संचालन केंद्रों से निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी।
सुरंग में पानी और मलबा घुसने से फंसे मजदूर
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बताया कि पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में पानी और मलबा घुसने के बाद कई श्रमिकों के फंसे होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में आठ श्रमिकों को बचाया गया और उसके बाद आठ अन्य श्रमिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाए गए श्रमिकों की हालत स्थिर, कुछ को मामूली चोट
अधिकारियों के अनुसार, बचाए गए सभी श्रमिकों की हालत स्थिर है। उनमें से कुछ को मामूली चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि रुद्रप्रयाग से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक टीम पीपलकोटी के लिए रवाना हो चुकी है, जो बचाव अभियान में शामिल होगी। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सेना की टीमें भी तैनात की गई हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।






