कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव में करीब 200 चमगादड़ मृत मिले हैं। शुरुआती जांच में उनकी मौत की वजह भीषण गर्मी और लू को माना जा रहा है। घटना के बाद वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। कटघोरा वन अधिकारी ने बताया कि शनिवार को स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में चमगादड़ों के जमीन पर मृत पड़े देखा। जानकारी मिलने के बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे।
तालाब किनारे पेड़ों पर बसे थे हजारों चमगादड़
पाली नगर पंचायत स्थित नौकोनिया तालाब के आसपास के पेड़ों पर हजारों चमगादड़ों ने डेरा बना रखा है। हर साल फरवरी और मार्च महीने में यहां बड़ी संख्या में चमगादड़ आकर तालाब के आसपास अपना बसेरा बनाते हैं। हालांकि इस बार उनकी संख्या सामान्य से काफी अधिक बताई जा रही है।
वन विभाग ने शुरू की जांच
कटघोरा संभागीय वन अधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि करीब 200 चमगादड़ों की मौत हुई है और प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि उनकी मौत लू लगने से हुई है। मृत चमगादड़ों के नमूने पशु चिकित्सा विभाग की ओर से जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
कोरबा में भीषण गर्मी, 44 डिग्री तक पहुंचा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को कोरबा क्षेत्र में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभागों में अगले पांच दिनों तक लू चलने की संभावना है। राज्य में शनिवार को सबसे अधिक तापमान 46 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि राजधानी रायपुर में पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी से इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी गंभीर असर देखने को मिल रहा है।






