किसान मोर्चा का एलान, एसआईआर के विरोध में आज देशव्यापी प्रदर्शन
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नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ मंच ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। दोनों संगठनों ने मतदाता सूचियों से हटाए गए लोगों के मतदान के अधिकार को बहाल करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ अभियोजन की मांग की है।
चुनाव आयोग दफ्तर तक मार्च
आयोजकों के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन जिला और तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों और दिल्ली में किए जाएंगे। दिल्ली में ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया है। केंद्र के अब निरस्त किए जा चुके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले एसकेएम ने कहा कि उसके घटक संगठन जिलाधिकारियों और उपमंडल मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपेंगे।
'सीईसी को हटाने के प्रस्ताव पर प्रक्रिया का पालन किया जाएगा': बिरला
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि अगर ऐसा प्रस्ताव आता है तो उस पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रक्रिया वैसी ही है जैसी सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाने के लिए अपनाई जाती है।
गौरतलब है कि विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले भी विपक्ष ने दोनों सदनों में ऐसा नोटिस दिया था। यह नोटिस 12 मार्च को दिया गया था। इस पर लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर थे। यह नोटिस खारिज कर दिया गया था. विपक्ष का आरोप था कि इसे खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया।
आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जब ऐसा प्रस्ताव लाया जाएगा तो नियमों के अनुसार फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रक्रिया बिल्कुल स्पष्ट है। बिरला ने यह भी कहा कि परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों के लिए विशेष सत्र बुलाने का फैसला सरकार को करना है।
एमसीडी में पार्षदों का बवाल, मेयर के आसन पर रखे कागज फेंके
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नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की गुरुवार को हुई बैठक में अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। पार्षद फंड से शुरू हुआ विवाद वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणी और बवाल तक पहुंच गया। कांग्रेस पार्षद दल की नेता नाजिया दानिश की टिप्पणी से नाराज आप पार्षद शगुफ्ता जुबेर चौधरी ने जमकर बवाल काटा और महापौर प्रवेश वाही के आसन पर रखे कागजात फेंक दिए।
महापौर का माइक तोड़कर फेंका, पार्षद फंड से शुरू हुआ विवाद
शगुफ्ता चौधरी का आरोप है कि महापौर ने नाजिया दानिश को सदन के बीच में खड़े होकर बोलने और व्यक्तिगत टिप्पणी करने से नहीं रोका। विरोध को देखते हुए महापौर आसन छोड़कर बाहर चले गए। इसके बाद आप पार्षदों ने उनके आसन को घेर लिया और माइक तोड़कर नीचे फेंक दिया। इसे लेकर बीजेपी और आप पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
सारा विवाद पार्षद फंड को लेकर हुआ। सदन की बैठक शुरू होते ही आप पार्षद प्रवीण कुमार ने पार्षद फंड का मुद्दा उठाया।
छात्र नेता नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
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नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। नेहा ने यह याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 130 के तहत शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने के लिए जारी किए गए नोटिस को चुनौती देते हुए दायर की है। नेहा ने दलील दी कि नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
छात्र नेता ने कहा- तिरंगा फहराने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं
आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने पुलिस के उस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें ‘‘शांति बनाये रखने’’ के लिए एक विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष बॉण्ड भरने को कहा गया था। दिल्ली पुलिस के उस नोटिस का जिक्र करते हुए, जिसमें कहा गया था कि बोरा ने बिना वैध अनुमति के राष्ट्रीय ध्वज फहराया, उनके वकील ने दलील दी कि नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि वह इस याचिका पर शुक्रवार को अपना आदेश सुनाएंगे।
मोदी सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है, एक्सपायरी नजदीक: कांग्रेस
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नई दिल्ली: कांग्रेस ने ‘पीएम-दक्ष’ योजना से जुड़ी कथित विफलता लेकर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और उसकी ‘एक्सपायरी’ (सत्ता से जाने की मियाद) नजदीक है।
जयराम ने ‘पीएम-दक्ष’ योजना को लेकर केंद्र को घेरा
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि ‘पीएम-दक्ष’ योजना पिछले दो वर्षों से लागू नहीं हुई है और आवंटित बजट भी खर्च नहीं किया गया।
रमेश ने कहा कि वंचित वर्गों को कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पीएम-दक्ष’ योजना को सरकार ने केवल कागजों तक सीमित कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नाम बड़े और दर्शन छोटे! योजना पीएम के नाम पर, लेकिन जमीन पर काम उनके दावों की तरह बड़ा शून्य है।’’
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