राहुल गांधी के धरने से झुकी दिल्ली पुलिस, दर्ज किया पेलेट गन मामला
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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की मांग को आखिरकार दिल्ली पुलिस को माननी पड़ी है। पेलेट गन के मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के नेता पीड़ित साहिल लोचाव को लेकर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे हुए थे। पिछले महीने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचाव को पैलेट गन से चोट लगी थीं। दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन से लगी चोट के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 और 125 के तहत एफआईआर दर्ज की है। बीएनएस की धारा 118 खतरनाक हथियारों या तरीकों से जान-बूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 125 दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित है।
राहुल गांधी बोले- यह न्याय का पहला कदम
राहुल गांधी ने कहा कि ये न्याय का पहला कदम है, केस दर्ज किया गया है। साहिल के शरीर और आंख में छर्रे हैं। इनके दिल के पास भी छर्रे लगे हैं, एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। हम सुबह 11.30 बजे एफआईआर करवाने आए थे, लेकिन करीब 06.45 बजे एफआईआर दर्ज की गई है।
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर राजस्थान विधानसभा में हंगामा
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जयपुर: सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भारी हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने गुरुवार को विधानसभा गेट पर कांग्रेस विधायकों को रोके जाने का मुद्दा उठाया और इस पर चर्चा की मांग की।
कांग्रेस ने पूछा- सरकार चुप क्यों रही?
जूली की ओर से देशव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूलों का निरीक्षण करने के दौरान सीजेपी कार्यकर्ताओं पर कथित हमले को लेकर बीजेपी सरकार से सवाल किया गया। स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान इस मामले को उठाने की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद कांग्रेस विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए, नारे लगाने लगे और सरकार को 'भगोड़ा' बताने वाले पोस्टर दिखाए।
हंगामे के बीच मुद्दा उठाते हुए, जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार से स्कूलों का निरीक्षण करने गए सीजेपी कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के बारे में सवाल किया।
राजस्थान: सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गई सीजेपी टीम पर हमला
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जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा इलाके में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान हुई मारपीट ने सियासी हंगामा खड़ा कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने अभियान 'स्कूल ठीक करो' के तहत पार्टी के कार्यकर्ता गांव के सरकारी स्कूल की हालत देखने भेजे थे, लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें गांव में घुसने रोक दिया और उनके साथ मारपीट की। वहीं सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथियों के साथ बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए।
सीजेपी ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
खबरों के मुताबिक, सीजेपी के कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने से पहले ही गांव के मुख्य रास्ते पर बैरिकेड लगा दिए गए थे और गांव में आने वाले वाहनों की जाँच की जा रही थी। इसके बाद ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद कार्यकर्ताओं को उस इलाके से बाहर निकाल दिया गया। सीजेपी का आरोप है कि ये लोग ग्रामीण नहीं बल्कि बीजेपी कार्यकर्ता थे।
मेरठ में किसान नेताओं की थाने में कथित पिटाई के मामले ने पकड़ा तूल
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मेरठ: भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी और उनके साथी मोहित जाटव की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस और नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी घटना पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हार के डर से बौखलाई हुई है योगी सरकार: अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिग्विजय भाटी का वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "किसान का अपमान, देश का अपमान है।" साथ ही अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है, वह अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में कथित तौर पर थर्ड डिग्री की मार-पीट कर प्रताड़ित किया जाना दर्शाता है कि हार के डर से सरकार बौखलाई हुई है।
क्या नरेंद्र मोदी और पीएम वाजपेयी ने पूरा वंदे मातरम गाया था: सिब्बल
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नई दिल्ली: राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर उसे ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ बताने संबंधी गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर शुक्रवार को पलटवार किया। कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते या अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया था? सिब्बल ने सवाल किया कि ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण नहीं गाने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता भी क्या ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ हैं?
कपिल सिब्बल का अमित शाह से सवाल
निर्दलीय सांसद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ के दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के फैसले को ‘राष्ट्र-विरोधी’ बताया। मेरा सवाल है: क्या बीजेपी ने 1950 से निजी या आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके सभी अंतरे गाए? क्या (प्रधानमंत्री) मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते ऐसा किया? क्या (पूर्व) प्रधानमंत्री वाजपेयी ने ऐसा किया?’’
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- राहुल गांधी के धरने से झुकी दिल्ली पुलिस, दर्ज किया पेलेट गन मामला
- क्या नरेंद्र मोदी और पीएम वाजपेयी ने पूरा वंदे मातरम गाया था: सिब्बल
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- मेरठ में किसान नेताओं की थाने में कथित पिटाई के मामले ने पकड़ा तूल
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