पक्ष-विपक्ष: ई-20 पर फिर बवाल, कर्नाटक में पाया गया 30% एथेनॉल
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नई दिल्ली: आखिर तेल बेचने वाली या मार्केटिंग कंप
नियां सभी पेट्रोल पंपों पर साफ-साफ क्यों नहीं लिख सकतीं कि जो पेट्रोल बेचा जा रहा है उसमें कितना एथेनॉल मिलाया गया है। कन्ज्यूमर को यह जानने का पूरा हक है कि वे जो भी वस्तु या उत्पाद खरीद रहे हैं तो उसमें क्या है यह तो पता ही होना चाहिए। साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि पेट्रोल खरीदते वक्त उन्हें दरअसल 80 फीसदी पेट्रोल और 20 फीसदी एथेनॉल दिया जा रहा है। अगर यह साफ-साफ लिखा हो तो कम से कम भरोसा तो कायम होगा।
आखिर इस विषय को फिर से सामने लाने की जरूरत क्यों पड़ी। दरअसल कर्नाटक सरकार ने खुलासा किया है कि उसने राज्य में बिक रहे पेट्रोल की जांच कराई और पाया कि कई जगह तय सीमा से अधिक एथेनॉल मिलाया गया है। सरकार ने लिए गए सैंपल की कर्नाटक की निजी प्रयोगशालाओं (लैब्स) में जांच कराई तो पाया कि तेल कंपनियां जिसे ई20 यानि 20 फीसदी एथेनॉल वाला पेट्रोल बताती हैं, उनमें कई जगह तय सीमा (20%) से अधिक एथेनॉल मिलाया गया है। कहीं-कहीं तो एथेनॉल की मात्रा 31.2 फीसदी तक पाई गई।
बंगाल के एसआईआर ट्रिब्यूनल से चौथा इस्तीफा,पूर्व न्यायाधीश ने छोड़ा पद
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कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बिस्वजीत बसु ने शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) न्यायाधिकरण से इस्तीफा दे दिया। वे पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बहिष्कृत मतदाताओं की अपीलों की सुनवाई के लिए गठित इस समिति से इस्तीफा देने वाले चौथे सदस्य बन गए हैं।
जस्टिस बिस्वजीत बसु ने अपने इस फैसले के लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा दिया। उनका इस्तीफा पूर्व न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी के न्यायाधिकरण से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है।
चटर्जी ने भी कार्यालय आने-जाने में लगने वाली दूरी का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। चटर्जी ने कहा था कि प्रतिदिन 22 किलोमीटर की यात्रा करना उनके लिए कठिन था। उन्होंने यह सोचकर कार्यभार संभाला था कि न्यायाधिकरण का काम दो से तीन महीनों में पूरा हो जाएगा।
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू हुई हवा!एक्यूआई 600 पार
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नई दिल्ली: दिवाली से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप ले लिया है। हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है और लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 600 के पार पहुंच गया है।
ग्रेप-3 भी बेअसर, नोएडा-गाजियाबाद का भी बुरा हाल
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण यानि ग्रेप-3 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।आपको बता दें, एक्यूआई की आधिकारिक वेबसाइट पर ये 600 का आंकडा यूएस स्टैंडर्ड से दिख रहा है, जब आप इंडियन स्टैंटर्ड से इसे देखेंगे तो ये अंतर 100 का है जो फिलहाल 516 दिखाई पड़ता है। सीपीसीबी के सुबह 9 बजे के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में 627, सेक्टर 78 में 526, नॉलेजपार्क 2 में 616, सेक्टर 36 में 627, सेक्टर-29 में 627 एक्यूआई दर्ज किया गया।
दिल्ली में निर्माण और तोड़फोड़ पर लगी रोक, 50% वर्क फ्रॉम होम करेंगे
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम की आहट के साथ ही प्रदूषण भी गहराने लगा है, जिससे निपटने के लिए सरकार की तरफ से ग्रेप की पाबंदियों समेत तमाम तरह की कवायदें की जा रही हैं। इसी क्रम में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 5 नवंबर यानि आज से विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं। ये पाबंदियां 20 नवंबर तक प्रभावी रहेंगी। इसके तहत धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक रहेगी, जबकि दिल्ली से सटे छह प्रमुख शहरों के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
इन पाबंदियों का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने 30 अक्टूबर को ही इन उपायों की जानकारी दी थी। यह फैसला दिवाली और पराली जलाने की घटनाओं के दौरान प्रदूषण में होने वाली बढ़ोतरी के पुराने अनुभवों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आयोग के मुताबिक, 5 से 20 नवंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
'ज्ञानेश को कहां छिपा रखा है': तेजस्वी का बीजेपी की पदयात्रा पर तंज
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दरभंगा: वोट चोरी के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी इंडिया गठबंधन के आंदोलन का मुकाबला करने के लिए बीजेपी देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। इस अभियान पर तंज कसते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी से पूछा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कहां छिपा रखा है?
बीजेपी खुद अराजकता फैलाने वाली पार्टी
दरभंगा में मीडिया से बातचीत के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मजाकिया अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए यह सब हो रहा है और वे सामने क्यों नहीं आते हैं? सवाल उनसे पूछे जा रहे हैं, लेकिन जवाब देने के लिए बीजेपी सामने आ जाती है। तेजस्वी ने कहा कि अब यह बात तो किसी से छिपी नहीं है कि वोटों की चोरी हो रही है, दो चुनाव आयुक्तों ने शिकायत की। लेकिन, सवालों के जवाब नहीं दिए जा रहे हैं। बीजेपी खुद अराजकता फैलाने वाली पार्टी है।
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