'लहरा दो तिरंगा' मार्च: दीपके और नेहा को पुलिस ने हिरासत में लिया
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नई दिल्ली: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। वह कनॉट प्लेस जाने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का एलान किया है।
सीजेपी ने इसे अपने नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में बुलाया है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के इस मार्च को अनुमति नहीं दी है। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस ने लोगों से इलाके में जाने से बचने की अपील की है।
दिल्ली में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर सेंट्रल पार्क नहीं आने को कहा था, क्योंकि वहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है।
प्रदर्शन नहीं, शहर को युद्ध क्षेत्र बनाने से ठप होता है कारोबार: दीपके
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नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा कि कारोबार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की वजह से प्रभावित नहीं होता। कारोबार तब प्रभावित होता है, जब सरकार पूरा शहर बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और नागरिकों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाने का फैसला करती है और शहर को युद्ध क्षेत्र में बदल देती है।
दीपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अपनी शुरुआत से ही गांधी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात करती रही है। पार्टी ने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में प्रदर्शन किए हैं और इनमें से हर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है।
दीपके ने बताया कि जयपुर में उन पर व्यक्तिगत रूप से हमला किया गया था, लेकिन उन्होंने जवाबी कार्रवाई नहीं की। हिंसा का जवाब हिंसा से देना उनकी विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वे शारीरिक बल का इस्तेमाल करने के बजाय डॉ. बी. आर. आंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान से मिले अधिकारों का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे।
सीजेपी के तिरंगा मार्च पर तत्काल रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तिरंगा मार्च प्रदर्शन के खिलाफ तत्काल निर्देश देने से इंकार कर दिया। कारोबारियों ने त्योहारों के मौसम में प्रदर्शन के कारण व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
उम्मीद है बेहतर समझ से काम लिया जाएगा: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमें उम्मीद है कि बेहतर समझ से काम लिया जाएगा।” कोर्ट ने साथ ही प्रदर्शन के कारण आम लोगों को परेशानी न होने देने की अपील की।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्ली के कनॉट प्लेस (सीपी) में विरोध-प्रदर्शन के एलान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई है और इस पर रोक की मांग की गई। छोटे दुकानदारों को पहुंचने वाले नुकसान का हवाला देते हुए कोर्ट से आदेश की मांग की गई थी।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि लोग समझदारी से काम लेंगे। व्यापार से पूरा परिवार चलता है। हम 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई करेंगे। जरूरत पड़ने पर आदेश पारित करेंगे।
सीजेपी का तिरंगा मार्च: पुलिस बोली- कनॉट प्लेस की तरफ न जाएं
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नई दिल्ली: दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर तक बंद रखने का फैसला किया है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार शाम पांच बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का आह्वान किया है। पुलिस ने लोगों से मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के आसपास कई सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
राहुल का राष्ट्रपति से आग्रह, गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार को कहें
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नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया कि वह सरकार से दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहें और यह सुनिश्चित किया जाए कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच पूरी होने तक गौतम पदभार ग्रहण नहीं करें।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राहुल का राष्ट्रपति को पत्र
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में यह भी कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ की पहचान से जुड़े सवाल की सीबीआई जांच अभी जारी है और ऐसे समय में गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि अंकिता के परिवार समेत कई लोगों ने गौतम का नाम इस मामले से जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की सीबीआई जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पत्र में कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप सरकार से इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने को कहें और सीबीआई द्वारा अपनी जांच पूरी किए जाने तक श्री गौतम पदभार ग्रहण नहीं करें।’’
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