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गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसपा सुप्रीमो मायावती के ट्वीट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि पूरे देश में चौकीदार की धूम है। चौकीदार चौकन्ना होगा तो चोर सशंकित जरूर होगा। स्वाभाविक रूप से हर देशभक्त और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक अपने आप में चौकीदार है। वह एक योगी के नाते धर्म, समाज और संस्कृति के तो मुख्यमंत्री के रूप में संविधान और जनता के चौकीदार हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सब के चौकन्ना रहने से, चाहे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या फिर देश का हर कर्तव्यनिष्ठ नागरिक, जो अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह सचेत और चौकन्ना होकर के देश और समाज की सेवा कर रहा है, उससे चोर सशंकित हैं। वे चोर जो देश और प्रदेश के संसाधनों पर डकैती डालते थे, लूट-खसोट करते थे। स्वाभाविक रूप से उन्हें कष्ट अवश्य हो रहा होगा, क्योंकि उनके सारे कारनामे एक-एक कर बाहर लाए गए। उनकी लूट-खसोट को पूरी तरह सख्ती के साथ रोका गया है।

लखनऊ: निर्दलीय विधायक एवं पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या ने भी शुक्रवार को अपनी नवगठित पार्टी से दो प्रत्याशियों को लोकसभा चुनाव में उतार दिया। उन्होंने अपने प्रभाव वाले दो संसदीय क्षेत्रों प्रतापगढ़ व कौशाम्बी से प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है। चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी को फुटबाल खेलता खिलाड़ी चुनाव चिह्न आवंटित किया है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष राजा भैय्या ने प्रतापगढ़ से पूर्व सांसद एवं एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल तथा कौशाम्बी से पूर्व सांसद शैलेन्द्र कुमार को प्रत्याशी घोषित किया है।

अक्षय प्रताप सिंह वर्ष 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर प्रतापगढ़ से सांसद चुने गए थे। साल 2009 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी रत्ना सिंह ने उन्हें पराजित कर दिया था। मौजूदा समय में वह विधान परिषद के सदस्य हैं। वह राजा भैय्या के चचेरे भाई भी हैं। पार्टी के दूसरे प्रत्याशी शैलेन्द्र कुमार भी पूर्व में समाजवादी पार्टी के ही टिकट पर कौशाम्बी के ही सांसद रहे हैं। पार्टी के दोनों प्रत्याशियों का अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में व्यक्तिगत प्रभाव माना जाता है।

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के उस दावे को खारिज करते हुए इसे अर्द्धसत्य बताया कि प्रदेश में बीते दो साल में एक भी दंगा नहीं हुआ। मायावती ने गुरुवार को एक ट्वीट कर कहा, “भाजपा का दावा कि यूपी दो वर्षों में दंगा-मुक्त रहा, अर्द्धसत्य है। इस दौरान भाजपा के सभी महारथी मंत्री व नेतागण अपने ऊपर से जघन्य आपराधिक मुकदमे हटाने में ही ज्यादा व्यस्त रहे। मॉब लिंचिंग आदि को क्यों भूल गए, जिससे देश शर्मसार हुआ और अंतत: कोर्ट को दखल देना पड़ा।”

मायावती का यह बयान योगी आदित्यनाथ के उस बयान के दो दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को देश के लिए एक मॉडल बताया था, क्योंकि उनकी सरकार में दंगे की एक भी घटना नहीं हुई है। आदित्यनाथ ने बसपा और उसके गठबंधन के सहयोगी उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा था कि समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान लगातार दंगे हो रहे थे।

गोरखपुर: पुलवामा हमले को लेकर सपा महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वोट बैंक के लिए घटिया राजनीति के स्तर का एक उदाहरण है। इससे जवानों का हौसला गिरेगा, वहीं आतंकी संगठनों का मनोबल बढ़ेगा। सपा महासचिव को इस बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

गुरुवार की शाम गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होली मिलन समारोह से पूर्व पत्रकारों से बातचीत करते हुए योगी ने कहा कि सपा महासचिव का बयान तुष्टीकरण की पराकाष्ठा है। यह बयान बहादुर जवानों का मनोबल तोड़ने की साजिश के तहत दिया गया है। 14 फरवरी को पुलवामा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के साथ पूरा देश एकजुट होकर खड़ा है। घटना के 48 घंटे में ही हमारे बहादुर जवानों ने पुलवामा हमले के दोषियों को मार गिराया। आतंकवाद, उग्रवाद, अलगाववाद के खिलाफ मोदी सरकार ने जो जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है उसका परिणाम सबके सामने है। सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी संगठनों के शिविरों को नष्ट किया गया।

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