ताज़ा खबरें
बिहार में चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार, सात बीजेपी विधायक बने मंत्री
महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में आखिरी स्नान, संगम में लाखों ने लगाई डुबकी
सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं साल में दो बार होंगी, नए नियम जारी

लखनऊ: लोकसभा चुनाव में टिकट कटने से नाराज भाजपा के हरदोई सांसद अंशुल वर्मा ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में जाकर उन्होंने वहां तैनात चौकीदार को अपना त्यागपत्र सौंपा। इसके तुरंत बाद ही अंशुल वर्मा ने समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने यहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन की। बीते दिनों घोषित प्रत्याशियों की सूची में हरदोई सांसद अंशुल वर्मा का नाम कटा था। उनके स्थान पर जय प्रकाश रावत को टिकट दिया गया है। इसके बाद से ही पार्टी में घमासान चल रहा था। बुधवार को सांसद अंशुल वर्मा लखनऊ पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को संबोधित त्यागपत्र वहां के चौकीदार को सौंप दिया।

सांसद ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विकास किया था विकास करेंगे। वे अंशुल थे और अंशुल ही रहेंगे। चौकीदार न कहेंगे। उनके ख्याल से यदि विकास ही मानक था तो विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपये लगाने और पार्टी को आखिरी से पहले पायदान पर लाने के बाद ये निर्णय क्यों। सदन में उनकी उपस्थिति 94 फीसदी व लोकसभा क्षेत्र में 95 फीसदी रही। तो फिर उनका दोष कहां पर था ?

लखनऊ: पिछले लोकसभा चुनाव में रायबरेली से भाजपा प्रत्याशी रहे अजय अग्रवाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिखकर आगाह किया है कि अगर इस दफा उनका टिकट काटा गया, तो पार्टी को वैश्य समाज के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। अजय अग्रवाल ने अमित शाह को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश की तीन सीटों पर वैश्य समाज के प्रत्याशी उतारे थे, जबकि आबादी के हिसाब से इस बिरादरी के सात-आठ प्रत्याशी होने चाहिए थे। इस बार उन्हें पता लगा है कि भाजपा उत्तर प्रदेश में वैश्य समाज की भागीदारी को तीन से घटाकर दो सीटों पर करने जा रही है, जिसकी वजह से वैश्य समाज में गहरा रोष व्याप्त है।

अजय अग्रवाल ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने केवल अपने और कार्यकर्ताओं के दम पर तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को टक्कर दी थी। अगर भाजपा ने इस चुनाव में उनका टिकट काटा तो पार्टी को वैश्य समाज में आक्रोश के कारण बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) ने मंगलवार को अपने तीन और प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिये। सपा की ओर से जारी सूची के मुताबिक बाहुबली राजनेता आनंद सेन को फैजाबाद सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा देवेन्द्र यादव को एटा से जबकि हेमराज वर्मा को पीलीभीत सीट से सपा का टिकट मिला है। सपा उत्तर प्रदेश में अब तक 19 प्रत्याशियों और मध्य प्रदेश में एक उम्मीदवार के नाम घोषित कर चुकी है।

लखनऊ: भाजपा ने सोमवार को अपने एक वरिष्ठ नेता को पार्टी से निकाल दिया। पार्टी के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्वीट कर कहा था कि ‘‘दो गुजराती ठग हिन्दी हृदय स्थल, हिन्दी भाषियों पर कब्जा करके पांच वर्ष से बेवकूफ बना रहे हैं।'' सिंह ने यह भी कहा था, ''हमने ‘प्रधानमंत्री' चुना था या ‘प्रचारमंत्री'? अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से देश का पीएम क्या टी-शर्ट और चाय का कप बेचते हुए अच्छा लगता है?'' भाजपा नेतृत्व पर लगातार कई ट्वीट कर पार्टी के पूर्व प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का स्वागत करते हुए कहा था कि ‘‘मुझे खुशी होगी कि यदि मेरा आवास भी आपका चुनाव कार्यालय बने।''

भाजपा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि ''आईपी सिंह को पार्टी अध्यक्ष के निर्देश पर छह साल के लिये निकाल दिया गया है।'' सिंह ने भाजपा नेतृत्व के खिलाफ लगातार कई ट्वीट किये और अपने नाम के आगे 'उसूलदार' लगा लिया। उन्होंने शुक्रवार को किये गये अपने ट्वीट में कहा कि ''मैं उसूलदार क्षत्रिय कुल से हूं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख