रायबरेली: यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने गुरुवार को रायबरेली से नामांकन दाखिल करने से पहले कहा कि साल 2004 को न भूलें। वाजपेयी जी अजेय थे लेकिन जीत हमें मिली। सोनिया गांधी ने यह जवाब उस सवाल पर दिया, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या वह सोचती हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी अजेय हैं। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री मुझसे बहस करने की चुनौती स्वीकार कर लेंगे, उस दिन दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
आपको बता दें कि सोनिया गांधी ने पांचवी बार रायबरेली सीट से नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा व उनके बच्चे मौजूद रहे। नामांकन के लिए निकलने से पहले सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय पर हवन-पूजन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट तक रोड शो किया गया। इसके पहले सोनिया गांधी का काफिला जब भुएमऊ गेस्ट हाउस से निकला तो रास्ता भटक गया। जिससे जाम लग गया। वहीं, अफसरों में भी हड़कंप मच गया। बता दें कि रायबरेली लोकसभा सीट के लिए मतदान पांचवे चरण के तहत छह मई को होगा।
सोनिया गांधी का मुकाबला दिनेश प्रताप सिंह से है, जो कांग्रेस छोडकर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। सपा और बसपा ने रायबरेली से उम्मीदवार नहीं उतारा है। सोनिया इस सीट पर 2004, 2006 :उपचुनाव:, 2009 और 2014 में विजयी रही हैं।