नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में चुनाव के बाद सपा बसपा गठबंधन का हिस्सा बनने के विकल्प खुले होने के, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान पर सपा बसपा नेतृत्व चुनाव के बाद परिस्थितियों के आधार पर ही फैसला करेगा कि कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करना है या नहीं। सिंधिया के बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार करते हुये सपा और बसपा के नेताओं ने सोमवार को कहा, ''चुनाव के बाद जिस तरह की परिस्थिति होगी, उसके आधार पर सपा बसपा नेतृत्व ही कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करने का फैसला करेगा।"
उल्लेखनीय है कि सिंधिया ने रविवार को कहा था कि चुनाव से पहले गठबंधन में शामिल होने के बारे में कांग्रेस से सपा बसपा की तरफ से कोई बातचीत नहीं की गयी, यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा। इसके जो भी कारण रहे हों, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भविष्य में भी गठबंधन नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद गठबंधन सहित सभी संभावनाओं के लिये दरवाजे खुले हैं। सिंधिया के बयान पर बसपा के एक नेता ने कहा कि गठबंधन के बारे में पार्टी अध्यक्ष ही कोई फैसला करेंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व सिंधिया के इस बयान से वाकिफ है।
पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस बारे में फिलहाल कोई बात करना मुनासिब नहीं है। चुनाव के बाद जो भी हालात पैदा होंगे, उसके आधार पर पार्टी प्रमुख माकूल फैसला करेंगी।
इस पर सपा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार करते हुये कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सिंधिया के बयान पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ विचार विमर्श के बाद इस पर गठबंधन की ओर से प्रतिक्रिया व्यक्त की जा सकती है। उन्होंने हालांकि यह जरूर कहा, ''चुनाव में सपा बसपा गठबंधन के पक्ष में चल रही लहर से घबराकर कांग्रेस के नेता वोट काटने के लिये ऐसे बयान दे रहे हैं।"