देवबंद (सहारनपुर): समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर देश में नफरत फैलाकर राज करने का आरोप लगाते हुए रविवार को जनता का आह्वान किया कि वह देश का भविष्य तय करने वाले इस चुनाव में भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंके। उन्होंने कहा, ''अंग्रेजों ने लोगों को बांटकर देश पर राज किया था, लेकिन उससे ज्यादा अगर कोई हमें बांट रहा है तो वह भाजपा के लोग हैं।'' उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज किया कि पहले वह आपके बीच में चायवाला बनकर आए। जाने कितने लोगों ने अच्छे दिन, 15 लाख रुपये और करोड़ों नौकरियों के वादे पर भरोसा कर लिया। फिर चुनाव आया तो कहा जा रहा है कि 'मैं भी चौकीदार'। इस दफा चुनाव में गरीब, दलित, अल्पंसख्यक मिलकर एक-एक चौकीदार की चौकी छीनने का काम करेंगे।
अखिलेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महागठबंधन को महामिलावट और 'सराब' बोलने वाले लोग सत्ता के नशे में हैं। ये महामिलावट का नहीं महापरिवर्तन का गठबंधन है। यह नयी सरकार देने और नया प्रधानमंत्री बनाने का गठबंधन है।
अखिलेश ने कहा, यह गठबंधन चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने जा रहा है। कभी यह गठबंधन सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और बसपा संस्थापक कांशीराम ने किया था। यही सपना अम्बेडकर और लोहिया ने देखा था। गठबंधन उसे पूरा करेगा।
सपा प्रमुख ने भाजपा और कांग्रेस को एक ही सिक्के के पहलू करार देते हुए कहा कि हम अपील करते हैं कि यह महागठबंधन तो बदलाव लाने के लिये है, मगर कांग्रेस बदलाव नहीं लाना चाहती। सोचिये देश के लिये कौन सोच रहा है।
उन्होंने गन्ना किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यहां के लोगों ने गन्ना पैदा करके पूरे देश को मिठास से जोड़ने का काम किया। आपके खेतों में गन्ना खड़ा रहे, मगर सरकार को कोई परवाह नहीं है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि दुनिया को हमारे देश पर गर्व है। लेकिन हमारा देश हर चीज में पीछे चला जा रहा है। दुनिया के बाकी देश आगे बढ़ रहे हैं, वहीं हमारा देश पीछे जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले साल हुए उपचुनावों में बसपा के एक-एक कैडर ने मदद की और हम चुनाव जीत गये। कैराना में हम नफरत की दीवार गिराकर जीते। महागठबंधन का एक भी वोट घटने ना पाये और एक भी वोट बचने ना पाये। अगर ऐसा हुआ तो ऐतिहासिक जीत होगी।