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लखनऊ: भारत में वसुधैव कुटुम्बकम् की सोच में जीने वाले लोग हैं। ऐसे में देश में काम कर रही सहकारी संघों को और ताकत मिलनी चाहिए। क्योंकि रोजगार देने के लिए सहकारी क्षेत्र का विकास होना ज्यादा जरूरी है। इसे मजबूत करने के लिए आने वाले सुझावों पर हम विचार करने के लिए तैयार हैं। यह बातें गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पराग दुग्ध विक्रेता समागम एवं होली मिलन कार्यक्रम में कही।

सहकारी संघों की बदौलत ही किसानों की होगी दोगुनी आय

शुक्रवार को जापलिंग रोड स्थित पराग कार्यालय में पराग दुग्ध विक्रेता समागम में गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है। इस लक्ष्य को पराग दुग्ध संघ जैसी सहकारी संस्थाओं के जरिए ही पूरा किया जा सकता है। हमारी सरकार विचौलियों को खत्म करके सीधे किसानों व गरीबों तक सुविधाएं पहुंचा रही है। चाहे वह विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन,स्कालरशिप हो या किसी योजना की सब्सिडी यह सब दिल्ली से सीधे उनके खाते में आ रही है। पहले लाखों-करोड़ों रुपये भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ जाते थे।

जिसे कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी स्वीकार किया था लेकिन किया कुछ नहीं था। अब मोदी सरकार ने इस लूट को बंद करके लगभग एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये जनता के बचाए हैं।

7.5 करोड़ जनता गरीबी रेखा से ऊपर आए

गृहमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार आने से पहले देश में गरीबी रेखा के नीचे लगभग 12.5 करोड़ जनता थी। लेकिन तीन वर्षों में ही सरकार के प्रयासों से लगभग साढ़े सात करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर हो गए। अब केवल पांच करोड़ लोग ही इसमें बचे हैं। यह रिकार्ड हमने नहीं बल्कि अमेरिका की ग्रुपिंग इंस्टीट्यूट के थिंक टैंक ने तैयार किए हैं। वहीं हमारी सरकार ने युवाओं को अपना मालिक खुद बनाने के लिए साढ़े चार करोड़ युवाओं को मुद्रा लोन दिया है। इनको मिलाकर सरकार के कार्यकाल में लगभग आठ करोड़ लोगों ने मुद्रा लोन लिया है।

भ्रष्ट अधिकारी मिटा रहे सहकारिता

पराग दुग्ध सहकारी संघ के अध्यक्ष उमेश सिंह तोमर ने कहा कि सहकारिता में बैठे कुछ बड़े अधिकारी सरकार को भ्रमित करके अपने हित साध रहे हैं। जिस सहकारिता को लागू करके चला पराग दुग्ध संघ यहां तक पहुंचा है। उसी का गला घोंटा जा रहा और सहकारिता से कमाई गई धनराशि का अधिकारियों के बीच में बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पराग के अधिकारी आउटसोर्सिंग की बदौलत अपने चहेतों को लाखों रुपये का वेतन देकर दुग्ध संघ का बेडागर्क करने में जुटे हैं। उन्होंने गृहमंत्री से इसकी जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की भी मांग की। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, विधायक नीरज बोरा, महापौर संयुक्ता भाटिया, मुकेश शर्मा और सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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